- अहंकार, बुद्धिहीनता और स्वभाव रिश्तो को कभी भी मजबूती नहीं प्रदान करते है।
- मतलब बहुत बड़ा होता है तभी तो मतलब के आगे रिश्ते भी छोटे पड़ जाते है।
- नाराजगी को कुछ देर चुप रह कर समाप्त करना ही बेहतर होगा क्योकि बहस करके तो रिश्ते सिर्फ उलझते ही है।
- रिश्ते अहसास से पनपते है अगर अहसास हो तो पराए भी अपने लगते है और अगर अहसास न हो तो अपने भी पराए लगते है।
- फ्री में तो सिर्फ माँ बाप का ही प्यार मिलता है बाद में तो दुनिया के हर रिश्ते को निभाने में कुछ न कुछ कीमत चुकानी पड़ती है।
- रिश्ते कांच की तरह होते है, अगर इन्हे संभाल कर नहीं रखेंगे तो यह टूट भी सकते है और चुभ भी सकते है।
- अगर रिस्तो में दरार आ जाए तो दरार हमेशा उस दरार को मिटानी चाहिए न कि रिश्तो को समाप्त कर दें।
- परिवार वह सुरक्षा कवच है जिसमें रह कर व्यक्ति शान्ति का अनुभव करता है और रिश्तो में मजबूती पाता है।
- सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही विजेता नहीं होता हैद्य किन रिश्तों के आगे कब और कहाँ झुकना है। यह समझने वाला भी विजेता ही होता है।
- अपनों का प्यार और रिश्तो के आगे रूपये पैसे का कोई भी मोल नहीं होता है।
- रिश्ते वह बड़े होते है जो दिल से जुडे होते हैद्य अगर रिश्तो में प्यार ही न हो तो जन्म के रिश्ते भी छोटे पड़ जाते है।
- जब हम अपने रिश्तों के लिए समय नही निकाल पाते है तो समय हमारे बीच से रिश्तो को निकाल देता है।
- परिवार के सदस्यों का प्यार एक डॉक्टर की दवाई से कही अधिक असरदार होता है। इसलिए ऐसे लोगों पर कभी विश्वास नहीं करे जो रिश्तों को कपड़ों की तरह बदलते हैं।
- रिश्ते ना तो दूर रहने से टूटते हैं और ना ही पास रहने से जुड़ जाते हैं। यह तो अहसास हैं जो याद करने पर भी मजबूत हो जाते हैं।
- रिश्तों को भी पैसों की तरह अहमियत दीजिए, क्योंकि दोनों को कमाना तो बहुत मुश्किल है परन्तु गँवाना बहुत आसान होता है।
- दिल से बने रिश्ते हीं हमारी ताकत बन सकते हैं वरना खोखले रिश्ते तो हमारी सिर्फ कमजोरी हीं बनते हैं।
- रिश्तों को अच्छे से नही निभाया जाए, तो वह रिश्ते बोझ लगने लगते है।
- मनुष्य को बोलने में तीन साल लग जाते हैं३ लेकिन रिश्तो को कैसे निभाना है यह सीखने में पूरी जिदंगी लग जाती है।
- रिश्तो में अच्छा दिल और अच्छा स्वभाव दोनों का होना बहुत जरुरी है क्योकि अच्छे दिल से रिश्तो का विस्तार होता है। अच्छे स्वभाव से रिश्ते जीवन भर मजबूत बने रहते है।
- रिश्ते कभी भी जिंदगी पर नहीं चलते बल्कि जिन्दगी रिश्तो के साथ चलती है।
- बहुत बड़ी उलझन है। कही पर रिश्तो का नाम नहीं होता है तो कही नाम के ही रिश्ते होते है।
- यह रिश्ते भी बड़े अजीब होते है बिना विश्वास के शुरू नहीं होते और बिना धोखे के समाप्त नहीं होते है।
- जहां बात बात पर अपनी बातो पर सफाई देनी पड़े वहा रिश्तों में कभी मजबूती नहीं आती है।
- राजनीति मे रिश्ते हो तो कोई दुःख नही होता है परन्तु रिश्तो मे कभी भी राजनीति नही होनी चाहिए ।
- असली रिश्तो का पता मुसीबत के समय लगता है खुशी में तो पराए भी अपने लगते है।
- रिश्तो में मनमुटाव होने पर बातचीत करना बंद नहीं करे क्योकि बातचीत करके ही किसी समस्या को सुलझाया जा सकता है।
- जीत की आदत बहुत अच्छी होती है परन्तु कुछ रिश्तों के आगे हार जाना बेहतर होता है।
- अच्छे रिश्तों निभाने के लिए कसमो और वादों की जरूरत नहीं होती है। इसके लिए तो सिर्फ दो सच्चे लोग चाहिए जो रिश्तो को निभा सके और उसे समझ सके।
- कुछ रिश्ते सिर्फ हमारी जरूरतों को तो पूरा कर सकते हैं लेकिन हमें संतुष्टि नहीं दे सकते हैं।
- कुछ रिश्तों के नाम नहीं होते क्योंकि ऐसे रिश्ते सभी रिश्तों से बड़े हो जाते हैं।
- रिश्तो की मर्यादा को कभी भी नहीं तोड़ना चाहिएद्य क्योंकि जब रिश्तों की मर्यादा टूटती है तो बहुत कुछ समाप्त हो जाता है।
- सच्चे रिश्ते कैसे होते है। यह बच्चों से सीखना चाहिए, जो आपस में लड़ने के बाद भी थोड़ी ही देर में फिर दोस्त बन जाते हैं।
- किसी भी रिश्ते की मजबूती के लिए दोनों व्यक्तियों के मन में एक-दूसरे के प्रति सम्मान होना बहुत जरूर होता है।
- अगर रिश्तो में पूरा विश्वास हो तो इन्हें निभाने के लिए कस्मे वादों की कोई जरुरत नहीं होती है।
- रिश्ते चाहे कितने भी बुरे हों उन्हें कभी भी तोड़ना नहीं चाहिए, क्योंकि पानी चाहें कितना भी गंदा क्यों न हो, प्यास नहीं तो आग तो बुझा ही देता है।
- रिश्तो में मधुरता लाने के लिए ठीक वैसी ही कोशिश करो, जैसे की खूबसूरत दिखने के लिए करते हो।
- जब रिश्तों में बार बार झूठ बोलना पड़े तो समझो की रिश्तो में दरार आने वाली है।
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