सास बहू का प्रेम - एक कहानी



बहुत समय पहले की बात है, रिया नाम की लड़की की शादी होती है और शादी के बाद वह अपने पति और सास के साथ रहने लगती है।

बहुत ही कम समय में, रिया ने पाया कि वह अपनी सास के साथ बिल्कुल मिल कर नहीं रह सकती है। क्योकि रिया की सास का व्यक्तित्व उससे बहुत अलग था और वह अपनी सास की कई आदतों से बहुत नाराज थी। इसके अलावा, वह अक्सर अन्य लोगो से रिया की बुराई भी करती थी।


इसी प्रकार से दिन बीतते गए और कई महीनो के बाद भी रिया और उसकी सास ने बहस करना और लड़ाई करना कभी बंद नहीं किया। लेकिन इससे भी बुरी परिस्थिति यह थी कि रिया को ही अपनी सास के सामने झुकना पड़ता था और चाहते हुए भी उनकी हर इच्छा का पालन करना होता था। घर में इस तरह का माहौल और बेचैनी अब रिया के पति को बहुत परेशान करने लगी थी।

अब रिया अपनी सास के बुरे स्वभाव और उसकी मनमानी को बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी और उसने इसके बारे में कुछ फैसला लेने का विचार किया।

एक दिन रिया अपने पिता के अच्छे दोस्त, मिस्टर रमेश को देखने उनके घर गई जोकि जड़ी बूटी बेचा करते थे। रिया ने अपनी स्थिति के बारे में उन्हें बताया और पूछा कि क्या आप मुझे कुछ जहर दोगे ताकि में इस समस्या का समाधान कर सकू। मिस्टर रमेश ने कुछ देर सोचा, और फिर रिया से कहा, मैं आपकी समस्या को हल करने में आपकी मदद करूंगा, लेकिन आपको मेरी बात माननी होगी| जो मैं आपको बताता हूं आपको उसका पालन करना होगा

रिया ने कहा, "हां, आप जो भी करने को कहेंगे, मैं करुँगी। मिस्टर रमेश एक दूसरे कमरे में चले गए, और कुछ ही मिनटों में जड़ी-बूटियों के पैकेज के साथ लौट आए।

उन्होंने रिया से कहा, मैंने आपको कई जड़ी-बूटियां दी हैं जो धीरे-धीरे उसके शरीर में जहर का निर्माण करेंगी। तुम हर दूसरे दिन कुछ स्वादिष्ट भोजन तैयार करना और इन जड़ी बूटियों को अपनी सास के भोजन में डाल देना। तुम्हे यह भी सुनिश्चित करना होगा की उसके मरने पर किसी को आप पर संदेह हो, इसलिए तुम्हे उसके प्रति बहुत दोस्ताना व्यवहार रखने के प्रति बहुत सावधान रहना चाहिए। उसके साथ बिलकुल बहस मत करना, उसकी हर इच्छा का सम्मान करना और उसका हमेशा कहना मानना।

अब रिया बहुत खुश हो गई थी। उसने मिस्टर रमेश का शुक्रिया अदा किया और अपनी सास की हत्या की साजिश शुरू करने के लिए घर लौट आई।

इस तरह से कुछ महीने बीत गए और हर दूसरे दिन, रिया अपनी सास को विशेष रूप से वह जड़ी बूटिया मिला कर भोजन परोसा करती थी। वह इस बात का भी ध्यान रखती थी की किसी को उस पर संदेह न हो इसलिए उसने अपने स्वभाव पर भी पूरा नियंत्रण रखा हुआ था| वह हमेशा अपनी सास की बात मानती और अपनी माँ की तरह ही उससे व्यवहार करती थी । छह महीने बीत जाने के बाद, उसके घर का पूरा माहौल ही बदल गया था।

रिया ने अपने स्वभाव को इतना काबू में कर लिया था कि उसने पाया कि वह अब परेशान भी नहीं होती थी। पिछले छह महीने में उसकी सास के साथ उसका कोई मतभेद या लड़ाई नहीं हुए थी| रिया को अब अपनी सास का साथ बहुत दयालु और आसान लग रहा था।

अब रिया के प्रति उसकी सास का नजरिया भी बदल गया था और वह अपनी बेटी की तरह रिया को भी प्यार करने लगी थी। वह पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बताती थी की रिया सबसे अच्छी बहू है और उसके जैसी बहू दूसरी नहीं मिल सकती है। रिया और उसकी सास अब मां-बेटी की तरह रहने लगे थे।
रिया का पति भी सास बहू का यह प्रेम देख कर बहुत हैरान था।

एक दिन, रिया मिस्टर रमेश से मिलने गई और उनसे फिर से मदद मांगी। उसने कहा, कृपया मेरी सास को मरने से रोकने में मेरी मदद करें! अब उनका स्वभाव बहुत बदल गया है और मैं उन्हें अपनी माँ की तरह ही प्यार करती हूँ। मैं उन्हें जहर के कारण मारना नहीं चाहती हूँ।

मिस्टर रमेश ने मुस्कुराते हुए सिर हिलाया। उन्होंने रिया से कहा की चिंता की कोई बात नहीं है।  मैंने तुम्हें कभी कोई जहर नहीं दिया है। मैंने आपको जो जड़ी-बूटियाँ दीं, वे स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए थीं। तुम्हारा एक ही ज़हर आपके दिमाग में था और वह था आपका अपनी सास के प्रति रवैया, लेकिन तुम्हारे दिमाग का वह जहर, आप दोनों के प्यार से समाप्त हो गया है|

कहानी की सीख : इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि समस्या को हल करने के लिए प्यार ही सबसे अच्छा इलाज है | अगर हम किसी से प्रेम पूर्वक व्यवहार रखते है तो बदले में हमें भी प्रेम ही मिलेगा।

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